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गंगा के मैदानी इलाकों और गुजरात से लेकर महाराष्ट्र तक अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी, IMD ने जारी किया अलर्ट

 Published : Apr 21, 2026 09:39 am IST,  Updated : Apr 21, 2026 09:40 am IST

मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में इस साल सामान्य से ज्यादा हीटवेव (लू) के दिनों की चेतावनी दी है। इस चेतावनी के मुताबिक अप्रैल से जून के बीच गंगा के मैदानी भाग समेत देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।

Heatwave- India TV Hindi
भीषण गर्मी (प्रतीकात्मक तस्वीर) Image Source : PTI

नई दिल्ली: गंगा के मैदानी हिस्सों, पूर्वी तटीय राज्यों, पश्चिमी राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र, और आस-पास के इलाकों में इस साल भीषण गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में  सामान्य से ज़्यादा दिन लू चलेगी। इसके लिए मौसम विभाग की ओर अलर्ट जारी किया गया है।

IMD के महानिदेशक ने किया अलर्ट

IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि उन्होंने बताया कि कई ऐसे इलाके हैं जहां सामान्य रूप से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है। उदाहरण के तौर पर विदर्भ में इस समय तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस तक रहता है, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मई के दौरान पारा 40-44 डिग्री तक पहुंच जाता है। इसलिए, हमें ऐसे ज़्यादा तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।

मौसम विभाग ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच हीटवेव की स्थिति कई इलाकों में बन सकती है। खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों,ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में इसका असर अधिक रहेगा। इसके अलावा बिहार, झारखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी लू चलने की आशंका है।

लू को लेकर अलर्ट करने का प्रयास जारी

मौसम विभाग की ओर से लोगों को अलर्ट करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। विभाग व्हाट्सऐप ग्रुप, डिस्प्ले बोर्ड और सरकारी अलर्ट सिस्टम के जरिए मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और खेतों में काम करने वाले लोगों तक जानकारी पहुंचा रहा है। इसके अलावा नेशनल डिसास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल के माध्यम से मोबाइल पर भी चेतावनी दी जा रही है।

मोहपात्रा के अनुसार, हर साल तापमान बढ़ने की उम्मीद रहती है, खासकर अप्रैल और मई में, और मॉनसून आने से पहले के समय (जून) में; हालांकि, साल-दर-साल इसमें कुछ बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। तापमान में होने वाले सालाना और रोज़ाना के बदलावों से निपटने के लिए, IMD एक मौसम पहले ही लू (heatwave) का पूर्वानुमान जारी कर देता है। इसके बाद, हर गुरुवार को अगले चार हफ़्तों के लिए 'विस्तारित श्रेणी का पूर्वानुमान' जारी किया जाता है।

गर्मियों के महीनों में, ज़िला स्तर पर हर दिन सात दिनों की चेतावनी भी जारी की जाती है। IMD ने मार्च अप्रैल और मई महीनों के लिए लू और गर्मियों के तापमान का अपना पहला पूर्वानुमान फ़रवरी के आखिर में जारी किया था। मार्च के आखिरी दिन, अप्रैल, मई और जून महीनों के लिए इस पूर्वानुमान को अपडेट किया गया।

इन राज्यों में लू का ज्यादा असर

पूर्वानुमान के मुताबिक, अप्रैल से जून के बीच कई जगहों पर लू चलने की आशंका है। खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में, और पूर्वी भारत में छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे पड़ोसी इलाकों में लू का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों वाले 'भारत-गंगा के मैदानी इलाकों' में भी लू चलने की आशंका है। इसके अलावा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात के कुछ इलाकों, और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी लू का असर देखने को मिल सकता है।

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